उत्सव व आयोजन

दीपावली महोत्सव【दीपावली पर्व】

दीपावली का शाब्दिक अर्थ- दीप+आवली= दीपकों की पंक्ति। दीपावली का पर्व अयोध्या के राजा भगवान श्री रामचंद्र जी के चौदह वर्ष के वनवास के पश्चात आगमन पर अयोध्या वासियों का हृदय अपने परम प्रिय राजा के आगमन से प्रफुल्लित हो उठा था। श्री रामचन्द्र जी के स्वागत में अयोध्या वासियों ने घी के दीपक जलाए थे। दीपावली का संबंध दीपकों से है। कार्तिक मास की सघन काली अमावस्या की वह रात्रि दीयों की रोशनी से जगमगा उठी। तब से आज तक प्रति वर्ष यह प्रकाश-पर्व हर्ष व उल्लास से मनाया जाता हैं। सनातनियो का विश्वास है एवम दीपावली भी यही चरितार्थ करती है- असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय।। आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी मंदिर मे दीपावली के शुभावसर पर निम्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते है- 1- महालक्ष्मी पूजन। 2-महालक्ष्मी हवन। 3-कनकधारा स्त्रोत, पाठ हवन। 4-श्री सूक्त पाठ हवन। 5-दीप प्रज्वलन महालक्ष्मी जी का हवन- कमल गट्ठे ,नारियल बुरादा,लाल चंदन चूरा,से माँ का हवन पूजन किया जाता है। दीपावली के शुभावसर पर माँ भुवनेश्वरी मंदिर मे प्रातःकाल मंदिर की सम्पूर्ण स्वछता की जाती है मंदिर को सजाया जाता है।प्रातः काल मे गाय माताओं की पूजा की जाती है।एवम संध्याकाल मे सर्वप्रथम माँ का पूजन लक्ष्मी गणेश जी का पूजन हवन के साथ-साथ एक दीप एक परिवार के नाम माँ के द्वार कार्यक्रम को भव्यता से सम्पन्न किया जाता है। दीपावली के समय पर प्रत्येक व्यक्ति अपने घरों मे दीपों का प्रज्वलन करता है लेकिन मुख्य पुजारी आचार्य नागेंद्र मोहन सैलवाल बताते है कि जिस तरह से हमारा घर दीपो से जगमताता है उसी प्रकार माँ का मंदिर भी जगमगाना चाहिए इसी भाव को लेकर उनके द्वारा एक दीप एक परिवार के नाम का कार्यक्रम प्रारंभ किया गया जिसके उपरांत प्रत्येक वर्षं भक्तजन इस कार्यक्रम मे बढ़चढ़ कर भाग लेते है और घर बैठे इस कार्यक्रम का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते है। मुख्य पुजारी आचार्य नागेंद्र मोहन सैलवाल जी द्वारा वर्ष 2023 मे 501 दीपकों को प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया गया था जो अब प्रतिदिन भव्यता का रूप ले रहा है। अपने परिवार जनों की ओर से इस सम्पूर्ण महायज्ञ मे जुड़ने हेतु एवम महालक्ष्मी की कृपा प्राप्ति हेतु दीपावली से पूर्व सूचित करना आवश्यक होता है। सभी भक्तजन इस महायज्ञ मे घर बैठे ऑनलाइन भी जुड़ भाग लेते है। माँ भुवनेश्वरी मंदिर से पूजन एवम पूजन की प्रक्रिया से भक्तजन साथ जुड़कर एक साथ अपने-अपने घरों मे भी लक्ष्मी पूजन भी करते है

उत्सव की वीडियो व फोटो गैलरी

नीचे दी गई झलकियाँ आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी की आरती प्रमुख पर्वों की हैं।

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