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पहाड़ो की गोद में स्थित शक्ति पीठ

पहाड़ों, हरियाली और माँ भुवनेश्वरी की दिव्य उपस्थिति से घिरा यह मंदिर, शांति और शक्ति दोनों का अनुभव कराता है।

सांगुड़ा मणिद्वीप में स्थित यह धाम, गाँव के साधारण जीवन और माँ की अद्भुत कृपा को एक साथ महसूस करने का स्थान है – जहाँ हर भक्त अपने घर जैसा अपनापन पाता है।

आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी सिद्धपीठ, सांगुड़ा, बिलखेत पौड़ी गढ़वाल – वास्तविक फोटो।

मंदिर के बारे में

इतिहास, महत्व

भक्तों की आस्था का यह पवित्र स्थान सदियों से आध्यात्मिक ऊर्जा और सेवा का केंद्र रहा है।

मंदिर का इतिहास व महत्व

परिचय

आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी मंदिर सिद्धपीठ उत्तराखंड के राष्ट्रीय राजमार्ग ११९ पर कोटद्वार-पौड़ी के मध्य कोटद्वार से लगभग ५४ कि०मी० तथा पौड़ी से ५२ कि०मी० की दूरी देवप्रयाग से ३५ कि0मी0 की दूरी सतपुली से बाँघाट, व्यासचट्टी,देवप्रयाग मार्ग पर लगभग ८ कि0 मी0 की दूरी पर प्राकृतिक सौंदर्य भव्यता से परिपूर्ण एक छोटे से कस्बे सांगुड़ा बिलखेत तिल्या मे स्थित है। लोकश्रुतियों के अनुसार पूर्व समय में जब विदेशी आक्रमणकारियों ने पूजास्थलों को अपवित्र और खण्डित किया तो पांच देवियों ने वीर भैरव के साथ केदारखण्ड (गढ़वाल) की तरफ प्रस्थान...

देवता की जानकारी (कथा, पौराणिक महत्व)

देवी दस महाविद्याओं में से चतुर्थ महाविद्या हैं। उन्हें सृष्टि देवी अर्थात सम्पूर्ण सृष्टि की अधिष्ठात्री के रूप में भी जाना जाता है, जो स्वयं सपूर्ण सृष्टि के रूप में विद्यमान हैं। अपने नाम के अनुरूप ही देवी भुवनेश्वरी समस्त लोकों की महारानी हैं तथा सम्पूर्ण सृष्टि पर शासन करने वाली हैं। वह विभिन्न लक्षणों में देवी त्रिपुर सुन्दरी के समान हैं।

भुवनेश्वरी देवी उत्पत्ति- देवी भुवनेश्वरी को आदि शक्ति के रूप में जाना जाता है, जो शक्ति के अति प्राचीन रूपों में से एक हैं। देवी भुवनेश्वरी के सगुण स्वरूप को देवी पार्वती के रूप में जाना जाता है। हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, भुवनेश्वरी जयन्ती भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को मनायी जाती है।

भुवनेश्वरी स्वरूप वर्णन- देवी भुवनेश्वरी का स्वरूप देवी त्रिपुर सुन्दरी के समान है। देवी का वर्ण उगते सूर्य के समान है एवं वह अपने केशों में अर्धचन्द्र धारण करती हैं। देवी भुवनेश्वरी को चतुर्भुज धारी रूप में त्रिनेत्र धारण किये हुये दर्शाया जाता है। उनके दो हाथ अभय मुद्रा एवं वरद मुद्रा में हैं तथा शेष दो हाथों में देवी अंकुश एवं पाश (रस्सी का फन्दा) लिये रहती हैं।

भुवनेश्वरी साधना- भुवनेश्वरी साधना समस्त प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु की जाती है। सन्तान, धन, ज्ञान तथा सौभाग्य प्राप्ति हेतु देवी की आराधना की जाती है।
भुवनेश्वरी आदि पराशक्ति शाकम्भरी नाम से प्रसिद्ध
संबंध-महाविद्या, देवी
निवासस्थान-मणिद्वीप
अस्त्र-पाश अंकुश अभय और बरद मुद्रा
जीवनसाथी-भुवनेश्वर भैरव
सवारी-कमल।

पुजारी/संस्थापक का परिचय

आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी देवी के आदेशानुसार वर्ष 1757 मे सैलवाल जाति के ब्राह्मणों को माँ की पिंडी की स्थापना एवम पूजा अर्चना सेवा का दायित्व माँ भुवनेश्वरी के आदेशानुसार प्राप्त हुआ।
वर्ष 1757 मे सर्वप्रथम उत्सव सैलवाल जी द्वारा माँ भुवनेश्वरी की पिंडी मातृलिंग की स्थापना की गई थी तब से निरन्तर उनके वंश परम्परा द्वारा माँ की पूजा अर्चना सेवा की जा रही है।

वंश परम्परा के अनुसार माँ भुवनेश्वरी देवी के पुजारियों की वंशावली-
1-उत्सव सैलवाल
2-बूथराम सैलवाल
3-दलपाराम सैलवाल
4-परमानन्द सैलवाल
5-राजेन्द्र प्रसाद सैलवाल

वर्तमान पीठाधीश-गणेश प्रसाद सैलवाल
मुख्य पुजारी-नागेंद्र मोहन सैलवाल

दर्शन व पूजा सेवाएँ

आरती समय, नियमित पूजा और विशेष पूजा

भक्तों के लिए नियम व दिशा-निर्देश-आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी मंदिर मे माँ की सेवाओं का लाभ लेने एवम मंदिर मे दान देने से पूर्व मुख्य पुजारी से अवश्य संपर्क करे ताकि आपके द्वारा मंदिर को अर्पित की जाने वाली सेवा एवम दान का मंदिर मे सदुपयोग हो सके।

मंदिर का समय व आरती कार्यक्रम

  • ❄️ शीतकालीन आरती समय
  • प्रातः 7:30 बजे
  • सायं 6:00 बजे
  • ☀️ ग्रीष्मकालीन
  • प्रातः 6:30 बजे
  • सायं 7:30 बजे

धार्मिक अनुष्ठान

  • मकर सक्रांति विशेष पूजन
  • चैत्रीय नवरात्रि सामूहिक हवन
  • गंगा/दर्शन स्नान यात्रा
  • भुवनेश्वरी जयंती महोत्सव
  • शारदीय नवरात्रि कन्या पूजन
  • दीपावली लक्ष्मी पूजन
  • इगास (देवउठनी एकादशी) कार्यक्रम

विशेष पूजा बुकिंग

ऑनलाइन बुकिंग सुविधा
1-श्रृंगार सेवा-
2-अखंड दीप सेवा-
3-प्रसाद वितरण सेवा-
4-यज्ञ सेवा-
5-आरती पूजन सेवा-

उत्सव व आयोजन

वार्षिक पर्व, विशेष कार्यक्रम और उत्सव कैलेंडर

यहाँ से भक्त पूरे वर्ष के प्रमुख उत्सव, तिथियाँ और कार्यक्रमों की जानकारी पा सकते हैं।

भक्तों के लिए नियम व दिशा-निर्देश-आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी मंदिर मे माँ की सेवाओं का लाभ लेने एवम मंदिर मे दान देने से पूर्व मुख्य पुजारी से अवश्य संपर्क करे ताकि आपके द्वारा मंदिर को अर्पित की जाने वाली सेवा एवम दान का मंदिर मे सदुपयोग हो सके।

पिछले उत्सवों की झलक

पिछले वर्षों की फोटो और वीडियो देखने के लिए गैलरी सेक्शन पर जाएँ। विशेष शोभायात्रा, भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक उपलब्ध रहेगी।

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आरती वीडियो

भजन, शोभायात्रा, विशेष कार्यक्रम

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मंदिर का पूरा पता व संपर्क

आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी सिद्धपीठ, सांगुड़ा, बिलखेत पौड़ी गढ़वाल

सांगुड़ा, बिलखेत, बाँघाट

जनपद पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड

फ़ोन / WhatsApp

+91 78302 44233 कॉल करें • WhatsApp

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